चढूनी बोले-जो किसानों के खिलाफ जो लठ उठाएगा, वो तगड़ा होकर आए

सीएम के किसानों के खिलाफ लठ उठा लो के ब्यान से भडक़ने लगे किसान
चढूनी बोले-जो किसानों के खिलाफ जो लठ उठाएगा, वो तगड़ा होकर आए
चण्डीगढ़(NirmalSandhu):पिछले दस महीने से आंदोलन कर रहे किसानों को भडक़ने की गतिविधियां जोर पकडऩे लगी है। यूपी के लखीमपुर क्षेत्र में काले झंडे दिखा रहे किसानों को कुचलने की शर्मशार कर देने वाली घटना के बाद हरियाणा के सीएम के ब्यान ने किसानों के मन में आक्रोश भर दिया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में प्रगतिशील किसानों की बैठक में कहा कि उत्तर-पश्चिम हरियाणा के हर जिले में किसानों के खिलाफ डंडे उठाने वाले वालंटियर खड़े करने चाहिए। सीएम के इस ब्यान के बाद सीएम व किसानों के बीच टकराव की सम्भावनाएं बढ़ गई है। आने वाले दिनों में यह बड़ा विवाद का कारण बन सकता है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल के संबोधन का एक वीडियो सामने आने के बाद किसान नेताओं ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रियाएं दी है। वीडियो में मुख्यमंत्री कह रहे हैं, कुछ नए किसानों के संगठन उभर रहे हैं, उनको अब प्रोत्साहन देना पड़ेगा। उनको आगे लाना पड़ेगा। उत्तर-पश्चिम हरियाणा के हर जिले में अपने 500 से 700 किसान या 1000 लोग खड़े करो। उनको वालंटियर बनाओ।
मुख्यमंत्री ने लोगों से पूछा कि उनके कथन का मतलब कौन बताएगा? इस पर सामने बैठे लोगों में से कुछ आवाजें आती हैं। उन्हें सुनने के बाद मुख्यमंत्री कहते हैं-जैसे को तैसा। फिर हल्का सा मुस्कुराते हुए सीएम ने कहा-उठा लो डंडे। ठीक है। इस पर कुछ लोगों के तालियां बजाने की आवाजें आती हैं तो कुछ लोग कहते हैं कि फिर तो जेल जाना पड़ेगा।
इस पर मुख्यमंत्री कहते हैं, वो भी देख लेंगे। दूसरी बात यह है कि जब डंडे उठाएंगे तो जमानत की परवाह मत करें। महीना, 2 महीना, छह महीना अंदर रह आओगे ना तो उतनी पढ़ाई इस मीटिंगों में नहीं होगी। अगर 2-4 महीने वहां रह आओगे तो बड़े लीडर अपने आप बन जाओगे। इतना कहकर मुख्यमंत्री हंसने लगते हैं। कुछ और लोगों के भी हंसने की आवाजें आती है।
स्मरण रहे कि मोदी सरकार के 3 नए खेती कानूनों के विरोध में किसान सालभर से आंदोलन कर रहे हैं। किसान दिल्ली के 3 बॉर्डरों पर डेरा डालकर बैठे हैं। किसानों में सबसे ज्यादा गुस्सा भाजपा और जजपा नेताओं के प्रति है। इन दलों के नेताओं का जगह-जगह घेराव हो रहा है। कई जिलों में तो भाजपा अपने कार्यक्रम तक नहीं कर पा रही। इस से आहत होकर मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों की बैठक में यह बात कही।
मुख्यमन्त्री के करनाल में 28 अगस्त को एक बैठक के हुए विरोध के चलते बसताड़ा में किसानों पर लाठियां बांजी गई थी और करनाल के तत्कालीन एसडीएम आयुष सिन्हा ने पुलिसवालों को किसानों के सिर फोडऩे का विवादित आदेश दिया था। इस पर कई दिन तकि करनाल में खूब बवाल हुआ। इस मामले में सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ा।
कल भी करनाल में किसानों ने सीएम आवास को न केवल घेरा, बल्कि वहां सीएम के निवास पर किसानी झंडा पर लगा दिया। इस घटना से भी सीएम काफी फजीहत महसूस कर रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि प्रदेश के सीएम को ऐसे शब्द शोभा नहीं देते। फिर भी यदि किसानों के लिए ऐसी तैयारी है तो हम भी ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। जो भी किसानों की तरफ इस लहजे से आएगा, वह तगड़ा होकर आए।