दिवाली पर कम रहेगा आतिशबाजी का शोर एनसीआर में शामिल 14 जिलों में प्रतिबंध  कम प्रदूषित एरिया में दो घंटे ग्रीन पटाखे चलाने की छूट  

दिवाली पर कम रहेगा आतिशबाजी का शोर

एनसीआर में शामिल 14 जिलों में प्रतिबंध

कम प्रदूषित एरिया में दो घंटे ग्रीन पटाखे चलाने की छूट

 

दिवाली पर इस बार आतिशबाजी का शोर और धुआं कम परेशान करेगा। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण और कोरोना के मद्देनजर आपदा प्रबंधन विभाग ने NCR में शामिल 14 जिलों पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी चलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं कम प्रदूषित एरिया में दो घंटे ग्रीन पटाखे चलाने की छूट दी गई है। सभी जिलों के डीसी, एसपी और प्रदूशण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को इस संबंध में आदेश जारी किया है। त्योहारी सीजन में सुप्रीम कोर्ट ने आतिशबाजी के लिए किसी भी तरह की छूट देने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। इन्हीं आदेशों के तहत अब यह कार्रवाई की गई है। आतिशबाजी पर लगी रोक दिवाली के बाद गुरुपर्व, क्रिसमस और नए साल तक जारी रहेगी।

प्रदूषण लेवल 300 तभी मिलेगी दो घंटे की अनुमति

जारी नए आदेशों के अनुसार NCR में शामिल प्रदेश के 14 जिलों में आतिशबाजी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। NCR में शामिल हरियाणा के झज्जर, पलवल, सोनीपत, गुरुग्राम, पानीपत, रोहतक, मेवात, रेवाड़ी, भिवानी, महेंद्रगढ़, फरीदाबाद, करनाल, चरखी दादरी और जींद में पटाखों की खरीद-फरोख्त पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दी गई है। NCR से बाहर के जिलों में रात के 8 बजे से 10 बजे तक दो घंटे ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति दी गई है। यह छूट भी एनसीआर से बाहर के सिर्फ उन्हीं जिलों में होगी जहां प्रदूषण लेवल पिछले साल 300 एक्यूआई से कम रहा था। नए आदेश के अनुसार NCR से बाहर के जिले हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, कैथल, कुरुक्षेत्र आदि में भी आतिशबाजी पर प्रतिबंध रहेगा। इन जिलों में पिछले साल प्रदूषण लेवल सबसे खतरनाक स्थिति 500 AQI को पार कर गया था। इन जिलों में पटाखे बेचने या इस्तमोल करने वालों के खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। दुकानों के अलावा ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स को भी इन एरिया में किसी तरह के आतिशबाजी सप्लाई करने पर रोक लगाई है।

पटाखों-आतिशबाजी से ये हो सकता है नुकसान

तेज आवाज और चमकीली रोशनी पैदा करने वाले पटाखों में बेरियम नाइट्रेट, स्ट्रोंटियम, लिथियम, एंटीमोनी, सल्फर, पोटेशियम और एल्युमिनियम जैसे हानिकारक रसायन होते हैं। यह रसायन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। एंटीमोनी सल्फाइड और एल्युमीनियम जैसे तत्व अल्जाइमर रोग का कारण बनते है। पोटेशियम और अमोनियम से बने परक्लोराइट फेफड़ों के कैंसर का भी कारण बनते हैं। बेरियम नाइट्रेट श्वसन संबंधी विकार, मांसपेशियों की कमजोरी और यहां तक कि गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसी समस्याओं का कारण बनते है। कॉपर और लिथियम यौगिक हार्मोनल असंतुलन का भी पैदा कर सकते हैं। इसके साथ ही यह तत्व जानवरों और पौधों के लिए भी हानिकारक हैं।

ग्रीन पटाखे हैं बेहतर विकल्प

वहीं ग्रीन पटाखों से प्रदूषण कम होता है और पर्यावरण के लिए बेहतर होते हैं। ग्रीन पटाखों को खास तरह से तैयार किया जाता है और इनके जरिये 30 से 40 फीसदी तक प्रदूषण कम होता है। ग्रीन पटाखों में वायु प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले हानिकारक रसायन नहीं होते। इनमें एल्युमिनियम, बैरियम, पौटेशियम नाइट्रेट और कार्बन का प्रयोग नहीं किया जाता है अथवा इनकी मात्रा काफी कम होती है। इनके प्रयोग से वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोका जा सकता है।

 

 

 

 

 

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ।

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर दिलाई राष्ट्रीय एकता की शपथ।

 

पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन के कुशल मार्ग दर्शन में जिला पुलिस द्वारा भारत के प्रथम गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जिला लघु सचिवालय परिसर मे कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह ने पुलिसकर्मियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलवाई। उन्होनें कहा कि महान व्यक्तियों की बदौलत हमें आजादी मिली है। उन्हीं में से महान एक सरदार वल्लभभाई पटेल ने 562 रियासतों को जोडऩे का जो कार्य किया है। देश को संगठित विशाल राष्ट्र का स्वरूप प्रदान किया उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता के अग्रदूत लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए और उनकी कर्तव्य निष्ठा और राष्ट्रभक्ति सदैव हमारा मार्गदर्शन करती रहेगी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह ने इस अवसर पर शुभ संदेश देते हुए कहा कि हम सभी को एकता का परिचय देते हुए देश-प्रदेश के हित के बारे में सोचना है। जो शपथ हम सब ने मिलकर ली है। उसकी पालना भी हमें राष्ट्रहित के लिए करनी होगी। सरदार वल्लभभाई पटेल के पद चिन्हों पर चलकर भारत की समप्रभूत्ता, एकता, अखण्डता को मजबूत करना होगा।

देश के लिए सरदार बल्लभ भाई पटेल ने काफी योगदान दिया है। उनके योगदान को लम्बे समय तक बनाए रखने के लिए उनकी जन्मतिथि को राष्ट्रीय एकता दिवस के रुप में मनाया जाता है।

कार्यक्रम मे भलाई निरिक्षक बलबीर सिंह व जिला पुलिस मुख्यालय की शाखाओं मे व थानों मे तैनात पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

जिला के प्रत्येक थाना स्तर पर भी कार्यक्रम का आयोजन कर पुलिस कर्मियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।