बरसा पैसा : शेयर ने बनाया अमीर, मात्र 27 हजार रु को बना दिया 1 करोड़ रु से ज्यादा

बरसा पैसा : शेयर ने बनाया अमीर, मात्र 27 हजार रु को बना दिया 1 करोड़ रु से ज्यादा


कौन सा है शेयर

हम बात कर रहे हैं कजारिया सिरेमिक्स की। कजारिया सिरेमिक्स का शेयर करीब 23 सालों में काफी तगड़ा रिटर्न देने वाला शेयर रहा है। ये स्टॉक एनएसई पर 1 जनवरी 1999 को 3.40 रु पर था, जबकि आज यह 1235 रु पर बंद हुआ। इस शेयर ने इस दौरान लगभग 36,223.53 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। यानी इसने निवेशकों का पैसा 372 गुना से अधिक कर दिया। इससे निवेशकों के 27000 रु 1 करोड़ रु से अधिक बन गए हैं और वे मालामाल हो गए।

10 साल का रिटर्न

10 साल का रिटर्न

14 सितंबर 2012 को यह शेयर 88.38 रु पर था, जबकि आज यह 1235 रु पर बंद हुआ। इस शेयर ने इस दौरान लगभग 1297.37 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की। इससे यानी इसने निवेशकों का पैसा बीते 10 सालों में करीब 14 गुना कर दिया और उनके 1 लाख रु 13.97 लाख रु से अधिक बन गए।

5 सालों में रिटर्न

5 सालों में रिटर्न

इसका 5 सालों का रिटर्न 70.75 फीसदी, 1 साल का रिटर्न, 4.75 फीसदी, 6 महीनों का रिटर्न 18.33 फीसदी, 1 महीने का रिटर्न 4.81 फीसदी और 5 दिन का रिटर्न 3.87 फीसदी रहा है।

कंपनी का बिजनेस

कंपनी का बिजनेस

कजारिया सिरेमिक्स भारत में सिरेमिक/विट्रिफाइड टाइल्स की सबसे बड़ी और दुनिया में 9वीं सबसे बड़ी निर्माता है। इसकी वार्षिक क्षमता 70.40 मिलियन वर्ग मीटर है और इसे आठ संयंत्रों में वितरित किया जा रहा है, जिनमें एक सिकंदराबाद (उत्तर प्रदेश) में, एक गेलपुर (राजस्थान) में, एक मलूताना (राजस्थान) में, तीन मोरबी (गुजरात) में, एक श्रीकालहस्ती (आंध्र) में प्रदेश) और एक विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश) में शामिल है।

कब हुई थी शुरुआत

कब हुई थी शुरुआत

कजारिया सिरेमिक्स लिमिटेड (केसीएल) को 20 दिसंबर 1985 को शुरू किया गया था। कंपनी सितंबर ’88 में सिकंदराबाद उत्तर प्रदेश में एक कारखाना स्थापित करने के लिए एक पब्लिक इश्यू लेकर आई थी। इस इकाई का कमर्शियल उत्पादन अगस्त ’88 में शुरू किया गया। केसीएल ने इतने वर्षों में चरणों में क्षमता का विस्तार किया है। 1988 में मात्र 12000 टीपीए के साथ शुरू हुई कुल स्थापित क्षमता (सिकंदराबाद और अलवर दोनों इकाइयों की) 1999 तक बढ़कर 160000 टीपीए हो गई थी, जो आज इससे कहीं अधिक है।





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