राजकीय सम्मान के साथ हुआ गांव हंसेवाला के शहीद जयपाल गिल का अंतिम संस्कार -परिजनों, प्रशासनिक अधिकारियों

राजकीय सम्मान के साथ हुआ गांव हंसेवाला के शहीद जयपाल गिल का अंतिम संस्कार
-परिजनों, प्रशासनिक अधिकारियों व गांव के लोगों ने नम आंखों से दी शहीद को श्रंद्धाजलि
टोहाना, 21 सितंबर।
जिला फतेहाबाद के उपमंडल टोहाना के गांव हंसेवाला का 30 वर्षीय जवान नायक जयपाल गिल जम्मू के कुपवाड़ा में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। मंगलवार को उनका शव अंतिम संस्कार के लिए गृहग्राम लाया गया। जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों, प्रशासनिक अधिकारियों व गांव में बड़ी संख्या में जमा हुए ग्रामीणों ने नम आंखों से शहीद को विदाई दी।
इस दौरान हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयररमैन सुभाष बराला, स्थानीय विधायक देवेंद्र सिंह बबली के भाई विनोद बबली, प्रशासन की ओर से एसडीएम चिनार चहल, डीएसपी बिरम सिंह, तहसीलदार रमेश कुमार, बीडीपीओ नरेंद्र कुमार आदि अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर नायक जयपाल गिल के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर राजकीय सम्मान के साथ उन्हें नम आंखों से विदा करते हुए श्रद्धांजलि दी।
मंगलवार को जब शहीद जयपाल गिल का तिरंगे में लिपटा हुआ शव सुरेवाला चौक पहुंचा तो क्षेत्र वासियों ने जय जवान के नारे के साथ शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शव पर फूलों की वर्षा की गई। शहीद के 5 वर्षीय पुत्र ने अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। शहीद के पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन होने के पूर्व सेना के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ आनर भी दिया गया। उल्लेखनीय है कि 30 वर्षीय शहीद जयपाल वर्ष 2009 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था जिसका करीब साढ़े 6 साल पहले विवाह हुआ और एक 5 साल का बेटा भी है। जयपाल के पिता वेद प्रकाश गांव में खेती बाड़ी का काम करते हैं तथा मां गृहिणी है, वहीं जयपाल का बड़ा भाई मनोज बॉक्सर है, जो परिवार के साथ रहता है।प्रशासन की ओर से एसडीएम चिनार चहल, डीएसपी बिरम सिंह, तहसीलदार रमेश कुमार, बीडीपीओ नरेंद्र कुमार आदि अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर नायक जयपाल गिल के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर राजकीय सम्मान के साथ उन्हें नम आंखों से विदा करते हुए श्रद्धांजलि दी।
मंगलवार को जब शहीद जयपाल गिल का तिरंगे में लिपटा हुआ शव सुरेवाला चौक पहुंचा तो क्षेत्र वासियों ने जय जवान के नारे के साथ शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शव पर फूलों की वर्षा की गई। शहीद के 5 वर्षीय पुत्र ने अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। शहीद के पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन होने के पूर्व सेना के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ आनर भी दिया गया। उल्लेखनीय है कि 30 वर्षीय शहीद जयपाल वर्ष 2009 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था जिसका करीब साढ़े 6 साल पहले विवाह हुआ और एक 5 साल का बेटा भी है। जयपाल के पिता वेद प्रकाश गांव में खेती बाड़ी का काम करते हैं तथा मां गृहिणी है, वहीं जयपाल का बड़ा भाई मनोज बॉक्सर है, जो परिवार के साथ रहता है।प्रशासन की ओर से एसडीएम चिनार चहल, डीएसपी बिरम सिंह, तहसीलदार रमेश कुमार, बीडीपीओ नरेंद्र कुमार आदि अन्य अधिकारियों ने पहुंचकर नायक जयपाल गिल के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर राजकीय सम्मान के साथ उन्हें नम आंखों से विदा करते हुए श्रद्धांजलि दी।
मंगलवार को जब शहीद जयपाल गिल का तिरंगे में लिपटा हुआ शव सुरेवाला चौक पहुंचा तो क्षेत्र वासियों ने जय जवान के नारे के साथ शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शव पर फूलों की वर्षा की गई। शहीद के 5 वर्षीय पुत्र ने अपने शहीद पिता को मुखाग्नि दी। शहीद के पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन होने के पूर्व सेना के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ आनर भी दिया गया। उल्लेखनीय है कि 30 वर्षीय शहीद जयपाल वर्ष 2009 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था जिसका करीब साढ़े 6 साल पहले विवाह हुआ और एक 5 साल का बेटा भी है। जयपाल के पिता वेद प्रकाश गांव में खेती बाड़ी का काम करते हैं तथा मां गृहिणी है, वहीं जयपाल का बड़ा भाई मनोज बॉक्सर है, जो परिवार के साथ रहता है।